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बचपन sswc बूंद धरती हासिल खो गया अस्तित्व भूला हुआ उलझने मन की हिन्दीकविता पत्थर सूर्योदय खो बस तन्हा खड़ा हूं व्यथित मन हमेशा नभ किरणों से लगी चोट hindikavita परवाह गया

Hindi खो गया चैन शायद Poems